पढ़ने लिखने की हम में जो कमी है |
फिर भी साहस की हम में न कमी है ||
पढ़ने लिखने की कमी को हावी न होने दिया हमने |
इसी से सफलता की राह को सिया हमने ||
फिर भी दुनिया क्यों हमसे जलती है |
मेहनत की राह हमने जो चुनी है ||
पढ़ने लिखने की हम में जो कमी है |फि
र भी साहस की हम में न कमी है ||
ये जो सफलता का द्वार खटखटाया हमने |
मेहनत को औजार बनाया हमने ||
मेरी ये कमी मुझे रोज़ तकलीफ देती है |
शायद इसी से मुझमे साहस की वृद्धि हुई है ||
पढ़ने लिखने की हम में जो कमी है |
फिर भी साहस की हम में न कमी है ||
इस कमी को हराया हमने |
कामयाबी से हाथ मिलाया हमने ||
अब किस बात की हमें कमी है |
राह से हम नहीं हम से राह बनी है ||
पढ़ने लिखने की हम में जो कमी है |
फिर भी साहस की हम में न कमी है ||
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